झारसुगुड़ा (ओडिशा)। ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले से सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक व्यक्ति को अपनी पत्नी के निधन के बाद शव वाहन नहीं मिलने पर उसका शव मोटरसाइकिल पर रखकर घर ले जाना पड़ा। घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लाइकेरा ब्लॉक के उडियापाली गांव निवासी नरेश छत्रिया अपनी पत्नी जमुना छत्रिया को तबीयत बिगड़ने पर मुद्राजोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद शव को घर ले जाने के लिए न तो शव वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही कोई अन्य व्यवस्था की गई।
काफी देर तक इंतजार और मदद की गुहार लगाने के बावजूद कोई वाहन नहीं मिलने पर नरेश छत्रिया ने पड़ोसी की मोटरसाइकिल की मदद से पत्नी का शव घर ले जाने का फैसला किया। सड़क पर बाइक पर शव ले जाते हुए उनकी तस्वीर ने कई लोगों को भावुक कर दिया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं और अंतिम यात्रा सेवाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जरूरत के समय ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पातीं।
वहीं झारसुगुड़ा के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (CDMO) ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शव वाहन की व्यवस्था की जा रही थी, लेकिन परिवार वाहन पहुंचने से पहले ही शव लेकर चला गया। पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और शव परिवहन सेवाओं की उपलब्धता को लेकर बहस छेड़ गई है। लोगों का कहना है कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन की अंतिम यात्रा के लिए इस तरह की परिस्थितियों का सामना नहीं करना चाहिए।